New Income Tax e-filing Portal
New Income Tax e-filing Portal

New Income Tax e-filing Portal नई आयकर इ-फ़ाईलिंग पोर्टल हिन्दी में ।

इस लेख में न्यू इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल New Income Tax e-filing Portal  के बारे में विस्तार से समझें।

New Income Tax e-filing Portal – नई ई-फाइलिंग वेबसाइट (www.incometax.gov.in) विशेषताएं और लाभ: नए ई-फाइलिंग पोर्टल के शुभारंभ के साथ, आयकर विभाग फॉर्म आईटीआर-1, आईटीआर के लिए मुफ्त आईटीआर तैयारी सॉफ्टवेयर भी प्रदान करेगा। -2 इस महीने।

आयकर पोर्टल जो कि  incometaxindiaefiling.gov.in थी। अब इसका नाम बदल कर incometax.gov.in रख दिया गया है। इ -फ़ाईलिंग बनने के बाद यह सबसे बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।  यह कहना गलत नहीं होगा कि इस नए इ -फ़ाईलिंग पोर्टल के जरिए कई सारे क्रांतिकारी बदलाव किया गया है । आप सोच रहे होंगे कि इस बड़े बदलाव का लाभ कब से उठाया जा सकता है।

ऐसे में  आपको बता दे कि ये नई पोर्टल incometax.gov.in 7 जून 2021 से काम करने लगेगी । दोस्तों इस पोर्टल को taxpayers फ़्रेंडली कहा जा रहा है । इस पोस्ट के जरिए नई आयकर इ – फ़ाईलिंग पोर्टल क्या है, किनके लिए है , इतना खास क्यू है,  और इसे एक क्रांतिकारी बदलाव क्यू माना जा रहा है । इन सारे सवालों  के जबाव आपको  इस पोस्ट में बहुत ही सरल भाषा हिन्दी में दी जाएगी ।   

क्या है इस नए पोर्टल में सबसे खास ? What is New Income Tax Portal in Hindi?

दोस्तों आपको बता दे की इस नए तरीके के पोर्टल में जो को पुराने पोर्टल के बदले लाया गया है । इसकी मुख्य खूबी यह है कि इसमें पुराने पोर्टल की तरह फोरम भरने की जरूरत नहीं है, बल्कि आप केवल बहुत सरल जबाव के उत्तर दे कर रिटर्न्स भरिए । ये यूँ कह सकते है कि आप सवालों के  जबाव देते जाइए आपका रिटर्न्स  भर जाएगा । आप खुद ही सोचिए इसे  कितना सरल बना दिया गया है । 

सवालों के जबाव आम आदमी बहुत ही आसानी से दे सकता है । यह उनके लिए बिल्कुल वरदान है जिन्हें फोरम भरना नहीं आता है, या बीच में ही अटक जाते है । अब नए पोर्टल में बहुत सारे ब्यौरे या डिटेल्स की बिल्कुल जरूरत नहीं है । आपको बेशक ही लगता होगा कि बदलाव चमत्कारी है और तुरंत ही हो गया होगा लेकिन यदि आप ऐसा सोचते है ,तो यह आपकी गलतफहमी होगी ,क्यू की दोस्तों इसकी तैयारी कई सालों या यूँ  कहना गलत नहीं होगा की इसकी तैयारी करीब दो तीन सालों से चल रही थी । 

नए पोर्टल में इ -फ़ाईलिंग करने का सबसे सरल तरीका । 

आपको जानकार हैरानी हो सकती है, क्यू कि हैरानी की बात है भी। जो अभी अगले ही लाइनों में मैं आपको बताने जा रही हूँ । अरे ! लेकिन जानिए तो ऐसी क्या बात है । यदि मैं आपसे कहूँ की पहले आप इ फ़ाईलिंग रिटर्न्स कैसे भरते तो जरूर ही आप कहेंगे कंप्युटर से या लैपटॉप से , बस अब आप यही रुकिए , और सोचिए कंप्युटर और लैपटॉप हमारे भारत की आबादी का करीब 11% लोग के ही पास कंप्युटर या लैपटॉप  है । जबकि मोबाईल आपको ज्यादातर लोगों के हाथ में दिख जाएगा । 

ऐसे में इ फ़ाईलिंग के लिये बहुत सारे लोगों को लैपटॉप या कंप्युटर पर निर्भर रहना पड़ता था ।  इसके लिए  उन्हें साइबर कैफै  का सहारा लेना पड़ता था । लेकिन अब इन सारे समस्याओं का निदान बस एक नए पोर्टल ने कर दिया  है । वो ऐसे की अब आप इ फ़ाईलिंग अपने अपने हाथ में पकड़े छोटे से यंत्र जिसका नाम है मोबाईल से कर सकते है । जी हाँ अपने मोबाईल से।  एक अफिशियल मोबाईल  एप के जारिए आप फ़ाईलिंग रिटर्न्स बहुत ही आसानी से भर सकते है । यह मोबाईल एप पर वो सारे सेवाये उपलब्ध होंगी, जो  पुराने ऑफीशियल पोर्टल में उपलब्ध थी । 

क्या क्या डिटेल्स पहले से भरे होंगे ओर आपको भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी । 

बुनियादी विवरण(Basic details) 

वेतन आय (Salary Income)

बैंक खाते (Bank Accounts)

कर भुगतान विवरण (Tax payments Details) 

टीडीएस विवरण (TDS details)

लाभांश आय (Dividend Income)

बैंकों, डाकघर आदि से ब्याज आय (Interest Income from Banks ,Post office etc.)

शेयर और म्यूचुअल फंड निवेश (Shares and mutual funds investment) 

इस पोस्ट में आपने ध्यान से पढ़ा है, तो आपने नोटिस किया होगा की बार बार इस पोस्ट में में एक शब्द इशतेमाल हो रहा है, वो है इंकम टैक्स रिटर्न्स । दोस्तों इस आर्टिकल में ही नहीं बल्कि जितने भी आर्टिकल इंकम टैक्स से संबंधित देखेंगे आपको इंकम टैक्स रिटर्न्स(ITR) शब्द इशतेमाल होता ही है। ऐसे में यह जानना बहुत ज्यादा जरूरी हो जाता है ,आखिर ये इंकम टैक्स रिटर्न्स  क्या है । 

तो चलिए जानते है विस्तारपूर्वक की इंकम टैक्स रिटर्न्स (ITR) क्या होता है । 

 क्या होता है इंकम टैक्स रिटर्न्स (ITR)?

ITR जानने से पहले ये जानते है की इंकम टैक्स यानी आय कर क्या होता है।  आयकर यानी इंकम टैक्स एक डायरेक्ट टैक्स या हिन्दी में कहे तो प्रत्यक्ष कर होता है।  जिसे आपको अपनी सैलरी यानी आय से सरकार को देना होता है । यदि आपका कोई बिजनस है तो उससे हुए अलग अलग पेमेंट (भुगतान) पर TDS(टीडीएस) कट जाता है, जिसका पूरा नाम स्रोतों पर कर कटौती(टैक्स डिडक्शन एट  सोर्स) है ।अंग्रेजी में Tax deduction at sources होता है । यह ब्याज ( Interest), कमिशन(Commission), लाभांश(Dividend), प्रोफेशनल फीस (Professional fees),किराया (Rent), ब्रोकेरेज् (Brokerage), कान्ट्रैक्ट पेमेंट(Contract payment) आदि पर कटता है। 

यदि आपका कोई डायरेक्ट इंकम यानी प्रत्यक्ष आय का स्रोत है तो ऐसे में आपको खुद से इंकम टैक्स भरना होता है।  इंकम टैक्स रिटर्न्स में एक फोरम भरना होता है ,जिसे  भर कर आप अपनी साल भर की कमाई का ब्यौरा आयकर विभाग को देते है ।  आयकर विभाग इसकी जांच करता है कि आपने अपनी सैलरी यानी आय के अनुसार कर दिया है या नहीं ।

 दूसरे शबदों में कह सकते है की ITR आपका द्वारा सरकार के आय कर विभाग को दिया गया एक स्टैट्मन्ट होता है, जिसमें आप सरकार को यह बताते है कि आपकी सालभर की  कमाई कितनी हुई है । आपने अपनी आय के खिलाफ उचित कर का भुगतान किया है या नहीं । मुझे आशा है अब आपको इंकम टैक्स रिटर्न्स बहुत ही बेहतरीन ढंग से समझ या गया होगा । 

इ-फ़ाईलिंग पर कैसे लोग इन करे । 

  • इंकम टैक्स रिटर्न्स पेज पर जाने पर पैन ऑटो-पॉप्युलेट हो जाएगा।(PAN will be auto -populated)
  • उसके बाद आपको ‘आकलन वर्ष’  चुनना होगा । (select assessment year)
  • फिर ‘ITR फॉरम नंबर’ चुनें(select ITR form number)
  • ‘फाइलिंग प्रकार’ को ‘मूल/संशोधित रिटर्न्स’ के रूप में चुनें । (select filing type as original or revised returns)

‘सब मिशन मोड’ को ‘तैयार हो जाएगा और ऑनलाइन जमा करें’ के रूप में चुनें । (submission mode will prepare then submit online)

नई इ -फ़ाईलिंग पोर्टल की विशेषताएं 

  • डेटा प्रविष्टि प्रयासों को कम करने के लिए, कर दाताओं को बिना किसी कर ज्ञान के, पूर्व फाइलिंग के साथ आईटीआर भरने में मदद करने के लिए इंटरैक्टिव प्रश्नों के साथ ऑनलाइन और ऑफ लाइन उपलब्ध मुफ्त आईटीआर के लिए एक एप उपलब्ध है । 
  • नये  डैशबोर्ड में  सभी लेनदेन विवरण ,अपलोड और आयकर विभाग के साथ संचार केवल एक ही डैशबोर्ड में मिल जाता है,ताकि उपयोगकर्ता द्वारा तुरंत  और आसानी से  पहुंच बनाया जा सके । 
  • एफएक्यू (FAQs), ट्यूटोरियल (Tutorials), वीडियो(videos) और चैटबॉट/लाइव (chatbot /live) एजेंट के साथ कर दाताओं के प्रश्नों के तत्काल उत्तर देने के लिए नया कॉल सेंटर की सुविधा दी गयी है, ताकि कर दाताओं की सहायता की जा सके । 
  • नए पोर्टल पर नई ऑनलाइन करदाता प्रणाली बाद में करों (tax) के आसान भुगतान के लिए किसी भी बैंक में कर दाताओं  किसी भी खाते से नेटबैंकिंग (net banking) , यूपीआई (UPI), क्रेडिट कार्ड (Credit Cards) और आरटीजीएस (RTGS), नेफ्ट (NEFT) का उपयोग करके कई नए भुगतान विकल्प चुन सकती है । 
  • पुराने इंकम टैक्स इ फ़ाईलिंग पोर्टल की तरह आपको नए  इंकम टैक्स इ फ़ाईलिंग पोर्टल पर चालान जेनरैट करने की जरूरत नहीं है । 
  • नया कर दाताओं  के लिए यह पोर्टल यूजर फ़्रेंडली है । 
  • कर दाताओं को त्वरित धन वापसी जारी करने के लिए आयकर रिटर्न्स के लिए तत्काल उत्तरदायी होगा  । 
  • पैन और आयकर पोर्टल के अनुसार विवरण में बेमेल होने की स्थिति में, एक निर्धारित शिकायत दर्ज कराया जा  सकता है। पैन से संबंधित शिकायत दर्ज नए इंकम टैक्स इ फ़ाईलिंग पोर्टल पर कराया जा सकता है । 

उम्मीद है कि आप न्यू इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल के बारे में हिंदी (New Income Tax e-filing Portal in Hindi) में समझ गए होंगे, यदि आपके कोई प्रश्न हैं तो आप हमसे संपर्क कर सकते हैं।